2वाँ भाव: धन और परिवार
कुंडली का 2वाँ भाव धन और परिवार का भाव है: बचत, परिवार, भोजन और बोलने का ढंग।
द्वितीय भाव को धन भाव और कुटुंब भाव कहा जाता है। यह संचित धन, परिवार के संस्कारों और हमारी वाणी को दर्शाता है। यह भाव बताता है कि हम किस प्रकार अपने संसाधनों को सहेजते हैं। सच्ची और मधुर वाणी तथा सात्विक आहार ही मनुष्य का सबसे बड़ा धन है।
किनका कारक
- संचित धन, पारिवारिक संपत्ति और बचत का मुख्य भाव
- वाणी, बोलने की शैली और मधुर संभाषण का नियंत्रक
- खानपान की आदतें, पोषण और पारिवारिक संस्कार
- नैतिक मूल्य, सत्यवादिता और कुल की मर्यादा
- मुख, दंत स्वास्थ्य और दाहिनी आंख का प्रतिनिधित्व
रोज़ के जीवन में
सत्य और प्रिय वाणी बोलें, नियमित रूप से बचत करें, परिवार के साथ बैठकर भोजन करें और संस्कारों का पालन करें।
इस भाव में ग्रह
सूर्य · चन्द्र · मंगल · बुध · गुरु · शुक्र · शनि · राहु · केतु