12वाँ भाव: व्यय और मोक्ष
कुंडली का 12वाँ भाव व्यय और मोक्ष का भाव है: ख़र्च, नींद, विदेश, एकान्त और आध्यात्मिक मुक्ति।
द्वादश भाव को व्यय और मोक्ष का भाव कहा जाता है। यह सांसारिक भागदौड़ से हटकर आत्म-शांति, दान और ध्यान का भाव है। यह भाव सिखाता है कि सब कुछ संजोने के बजाय कुछ त्यागना और छोड़ना भी आवश्यक है। निःस्वार्थ दान और ध्यान से ही मनुष्य को परम शांति प्राप्त होती है।
किनका कारक
- मोक्ष, आत्मिक शांति, वैराग्य और एकांत साधना का भाव
- सुखद निद्रा, स्वप्न चिंतन और मानसिक विश्राम का केंद्र
- विदेश यात्रा, दूरस्थ स्थान और शांत आश्रमों का प्रवास
- परोपकारी दान, त्याग, व्यय और मोह-माया से मुक्ति
- पैर के तलवे, नेत्र सुख और ध्यान कक्ष का प्रतिनिधित्व
रोज़ के जीवन में
सोने से पूर्व मन को शांत करें, अपनी आय में से कुछ दान अवश्य करें, एकांत में ईश्वर का ध्यान करें और क्षमाशील बनें।
इस भाव में ग्रह
सूर्य · चन्द्र · मंगल · बुध · गुरु · शुक्र · शनि · राहु · केतु