10वाँ भाव: कर्म और करियर
कुंडली का 10वाँ भाव कर्म और करियर का भाव है: काम, पद, प्रतिष्ठा और समाज में उपलब्धि।
दशम भाव को कर्म भाव कहा जाता है। यह कुंडली का सबसे ऊंचा स्थान है, जो व्यक्ति के काम, पद और यश को दर्शाता है। यह भाव बताता है कि हम समाज के लिए क्या योगदान दे रहे हैं। जब हम अपने काम को ईश्वर की पूजा समझकर ईमानदारी से करते हैं, तब हमें समाज में आदर मिलता है।
किनका कारक
- व्यवसाय, आजीविका, पद-प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति का भाव
- यश, कीर्ति, मान-सम्मान और जनमानस में पहचान का केंद्र
- प्रशासनिक दायित्व, नेतृत्व और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका
- ईमानदारी से किए गए परिश्रम और लोकसेवा का स्वरूप
- घुटने, शारीरिक संतुलन और समाज में प्रतिष्ठा का प्रतीक
रोज़ के जीवन में
अपने कार्य को समय पर पूरा करें, कार्यस्थल पर सहयोगियों से निष्पक्ष व्यवहार रखें और ईमानदारी से आजीविका कमाएं।
इस भाव में ग्रह
सूर्य · चन्द्र · मंगल · बुध · गुरु · शुक्र · शनि · राहु · केतु