4वाँ भाव: घर और माता
कुंडली का 4वाँ भाव घर और माता का भाव है: घर, माता, सुख-सुविधा, वाहन, संपत्ति और मन की शान्ति।
चतुर्थ भाव को सुख भाव या मातृ भाव कहा जाता है। यह घर के वातावरण, माता के वात्सल्य और मानसिक सुख-शांति का केंद्र है। दिनभर की भागदौड़ के बाद मनुष्य को जो सुकून अपने घर में मिलता है, वह इसी भाव से देखा जाता है। सच्चा सुख अपनों के प्रेम में ही बसता है।
किनका कारक
- माता, मातृस्नेह, पालन-पोषण और प्राथमिक संस्कारों का भाव
- गृह, निवास स्थान, भूमि, भवन और अचल संपत्ति का प्रतीक
- वाहन सुख, व्यक्तिगत सवारियां और भौतिक सुख-सुविधाएं
- मानसिक शांति, आंतरिक संतोष और भावनात्मक स्थिरता
- हृदय, वक्षस्थल और पैतृक निवास का प्रतिनिधित्व
रोज़ के जीवन में
माता का आदर करें, घर को स्वच्छ और हवादार रखें, वाहनों की देखभाल करें और परिवार में शांति बनाए रखें।
इस भाव में ग्रह
सूर्य · चन्द्र · मंगल · बुध · गुरु · शुक्र · शनि · राहु · केतु