मिथुन राशि
मिथुन (Gemini) वैदिक राशिचक्र की 3वीं राशि है। तत्व: वायु। स्वभाव: द्विस्वभाव। स्वामी ग्रह: बुध।
मिथुन राशि ज्ञान, संवाद और ताजगी की प्रतीक है। इसके स्वामी बुध होने से इसमें सीखने और नई जानकारियां जुटाने की अद्भुत क्षमता होती है। मिथुन के जातक मिलनसार, हंसमुख और बातचीत में कुशल होते हैं। वे हर माहौल में सरलता से ढल जाते हैं और नए विचार साझा करते हैं।
किनका कारक
- राशि चक्र की तीसरी राशि, द्विस्वभाव वायु तत्व
- बुध इसके स्वामी हैं, जो बुद्धि, वाणी और जिज्ञासा के कारक हैं
- कंधे, भुजाएं और हाथों के कौशल का प्रतिनिधित्व
- बहुमुखी प्रतिभा, हाजिरजवाबी और सीखने की निरंतर चाह
- मित्रता और सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देना
रोज़ के जीवन में
नियमित अच्छी पुस्तकें पढ़ें, मित्रों से आत्मीय संवाद बनाए रखें, एक समय में एक काम पर ध्यान दें और नई कलाएं सीखें।
मंत्र
ॐ बुधाय नमःलग्न के रूप में
मिथुन लग्न: जिज्ञासु, बातूनी और फुर्तीले। आप जल्दी सीखते हैं और विविधता पसंद करते हैं; एक समय में एक काम पर ध्यान देना मदद करता है।
चंद्र राशि के रूप में
मिथुन राशि में चन्द्रमा: व्यस्त, जिज्ञासु मन, जिसे बातचीत और विविधता चाहिए।
लोग पूछते हैं
मिथुन राशि का स्वामी कौन है?
बुध।
मिथुन राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु.