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पुनर्वसु नक्षत्र

पुनर्वसु 27 में से 7वाँ नक्षत्र है, स्वामी गुरु, राशि मिथुन और कर्क। नाम अक्षर: के को हा ही।

प्रकाश की पुनः वापसी अथवा शुभ वास. देवता: अदिति, देवमाता · प्रतीक: धनुष और तरकश · पशु: बिल्ली · गण: देव

स्वभाव

उपयुक्त काम

कथा

पुनर्वसु नक्षत्र की देवी अदिति हैं, जिन्हें सभी देवों की माता कहा गया है। माता अदिति का हृदय असीम है, जो हर संकट में अपनी संतानों को आश्रय देती हैं। तरकश में रखे तीर यह बताते हैं कि यदि एक प्रयास में सफलता न मिले, तो दूसरा अवसर अवश्य मिलता है। जैसे रात के बाद सुबह का सूरज फिर निकलता है, वैसे ही पुनर्वसु निराशा के बाद नई आशा लाता है। यह नक्षत्र मनुष्य को धैर्य, क्षमा और फिर से नई शुरुआत करने का आशीर्वाद देता है।

इस नक्षत्र के लिए नाम →

क्रम7 / 27
स्वामी (दशा)गुरु
राशिमिथुन, कर्क
नाम अक्षर (पद 1 से 4)के को हा ही
विस्तार80.00° – 93.33°