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मृगशिरा नक्षत्र

मृगशिरा 27 में से 5वाँ नक्षत्र है, स्वामी मंगल, राशि वृषभ और मिथुन। नाम अक्षर: वे वो का की।

हिरण का सिर अथवा कोमल खोजी. देवता: सोम, अमृतमयी चन्द्र देव · प्रतीक: मृग का मस्तक · पशु: सर्प · गण: देव

स्वभाव

उपयुक्त काम

कथा

मृगशिरा का प्रतीक हिरण का सिर है। जंगल में हिरण सदा स्वच्छ जल और मीठी घास की तलाश में इधर-उधर घूमता रहता है। सोम देव इस नक्षत्र के स्वामी हैं, जो मन को शीतलता और अमृत रस प्रदान करते हैं। जैसे हिरण सतर्क रहकर शांति से जीता है, वैसे ही यह नक्षत्र ज्ञान की निरंतर खोज का संदेश देता है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग स्वभाव से जिज्ञासु, स्नेही और जीवन में सच्चाई खोजने वाले होते हैं।

इस नक्षत्र के लिए नाम →

क्रम5 / 27
स्वामी (दशा)मंगल
राशिवृषभ, मिथुन
नाम अक्षर (पद 1 से 4)वे वो का की
विस्तार53.33° – 66.67°