आर्द्रा नक्षत्र
आर्द्रा 27 में से 6वाँ नक्षत्र है, स्वामी राहु, राशि मिथुन। नाम अक्षर: कू घ ङ छ।
नमी से युक्त अथवा हरी कोपल. देवता: रुद्र, संहारक और कल्याणकारी शिव · प्रतीक: आंसू की बूंद अथवा चमकीला रत्न · पशु: श्वान · गण: मनुष्य
स्वभाव
- गहरी समझ और विश्लेषणात्मक बुद्धि
- रूढ़ियों को परखने और बदलने का साहस
- अनुभवों से उपजी गहरी संवेदनशीलता
- कठिनाइयों से पार पाने का आत्मबल
- भावनाओं की सच्ची और स्पष्ट अभिव्यक्ति
उपयुक्त काम
- वैज्ञानिक शोध और कंप्यूटर तकनीक
- मनोविज्ञान और मानसिक परामर्श
- मौसम विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण
कथा
आर्द्रा के अधिपति देव भगवान रुद्र हैं। जब ग्रीष्म ऋतु में धरती तपने लगती है, तब रुद्र के मेघ गर्जना के साथ बरसते हैं और मिट्टी को नई ताजगी देते हैं। आंसू की बूंद इस बात का प्रतीक है कि पुराने दर्द के बाद ही नए जीवन का उदय होता है। जैसे वर्षा के बाद प्रकृति हरी-भरी हो जाती है, वैसे ही यह नक्षत्र भ्रम को दूर कर सच्चाई को सामने लाता है। यह मनुष्य को कठिनाइयों से सीखकर भीतर से मजबूत बनाता है।