मकर राशि
मकर (Capricorn) वैदिक राशिचक्र की 10वीं राशि है। तत्व: पृथ्वी। स्वभाव: चर। स्वामी ग्रह: शनि।
मकर राशि कर्मठता, कर्तव्य और अनुशासन की प्रतीक है। इसके स्वामी शनि देव हैं, जो सिखाते हैं कि मेहनत और धैर्य से कोई भी शिखर छुआ जा सकता है। मकर के जातक अत्यंत जिम्मेदार, शांत और व्यावहारिक होते हैं। वे अपने काम को पूरी निष्ठा से करते हैं और स्थायी सफलता पाते हैं।
किनका कारक
- राशि चक्र की दसवीं राशि, चर पृथ्वी तत्व
- शनि इसके स्वामी हैं, जो अनुशासन, कर्म और धैर्य के प्रतीक हैं
- घुटने, जोड़ और शरीर की सुदृढ़ संरचना का प्रतिनिधित्व
- कर्मठता, कर्तव्यपालन और ठोस नेतृत्व का स्वभाव
- निरंतर परिश्रम से स्थायी उपलब्धियां हासिल करना
रोज़ के जीवन में
अपने कार्यों की व्यवस्थित योजना बनाएं, समय की मर्यादा रखें, बड़ों व सहयोगियों का आदर करें और धैर्य से काम लें।
मंत्र
ॐ शनैश्चराय नमःलग्न के रूप में
मकर लग्न: गम्भीर, मेहनती और महत्वाकांक्षी। आप धीरे-धीरे पर पक्का निर्माण करते हैं; आराम करना न भूलें।
चंद्र राशि के रूप में
मकर राशि में चन्द्रमा: संकोची और ज़िम्मेदार; कर्तव्य निभाकर अपना स्नेह दिखाते हैं।
| स्वामी | शनि |
|---|---|
| तत्व | पृथ्वी |
| स्वभाव | चर |
| नक्षत्र | उत्तराषाढा, श्रवण, धनिष्ठा |
लोग पूछते हैं
मकर राशि का स्वामी कौन है?
शनि।
मकर राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
उत्तराषाढा, श्रवण, धनिष्ठा.