DeepDharmaधर्म का दीप Englishऐप खोलें

धनिष्ठा नक्षत्र

धनिष्ठा 27 में से 23वाँ नक्षत्र है, स्वामी मंगल, राशि मकर और कुम्भ। नाम अक्षर: गा गी गू गे।

सबसे समृद्ध अथवा मधुर ताल. देवता: अष्ट वसु, प्रकृति और ऐश्वर्य के देव · प्रतीक: मृदंग (ढोलक) अथवा बांसुरी · पशु: सिंहनी · गण: राक्षस

स्वभाव

उपयुक्त काम

कथा

धनिष्ठा नक्षत्र के देवता आठों वसु हैं, जो पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, सूर्य, चन्द्र और तारों के अधिपति हैं। मृदंग का प्रतीक जीवन की सुंदर लय को दर्शाता है। जैसे ढोलक की थाप से वातावरण में उत्साह भर जाता है, वैसे ही धनिष्ठा नक्षत्र समृद्धि और आनंद का संचार करता है। प्राचीन मान्यता है कि धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मे लोग अनुशासन और परिश्रम से यश प्राप्त करते हैं और अपने साथ-साथ पूरे परिवार व समाज का कल्याण करते हैं।

इस नक्षत्र के लिए नाम →

क्रम23 / 27
स्वामी (दशा)मंगल
राशिमकर, कुम्भ
नाम अक्षर (पद 1 से 4)गा गी गू गे
विस्तार293.33° – 306.66°