श्रवण नक्षत्र
श्रवण 27 में से 22वाँ नक्षत्र है, स्वामी चन्द्र, राशि मकर। नाम अक्षर: खी खू खे खो।
सुनना अथवा ज्ञान को ग्रहण करना. देवता: भगवान विष्णु, पालनकर्ता · प्रतीक: कान अथवा तीन पावन पदचिह्न · पशु: बंदर · गण: देव
स्वभाव
- ध्यानपूर्वक सुनने और समझने की उत्कृष्ट आदत
- ग्रंथों, इतिहास और संगीत में सहज रुचि
- शांत और विचारपूर्ण वाणी से बात करना
- विद्यार्थियों को धैर्य से सिखाने का गुण
- सदाचार और मर्यादा के प्रति आदर
उपयुक्त काम
- अध्यापन, व्याख्यान और आकाशवाणी प्रसारण
- भाषा विज्ञान, अनुवाद और पत्रकारिता
- संगीत, ध्वनि संयोजन और परामर्श सेवा
कथा
श्रवण नक्षत्र के अधिपति भगवान विष्णु हैं, जो समस्त संसार का पालन-पोषण करते हैं। कान का प्रतीक यह याद दिलाता है कि सारा ज्ञान ध्यानपूर्वक सुनने और मौन रहकर समझने से शुरू होता है। तीन पदचिह्न वामन अवतार की स्मृति हैं, जिन्होंने अपने चरणों से तीनों लोकों को नाप लिया था। श्रवण सिखाता है कि जो सुनना जानता है, वही अच्छा मार्गदर्शक बन सकता है। यह नक्षत्र व्यक्ति को विवेक, विनम्रता और ज्ञान बांटने का गुण प्रदान करता है।