कर्क राशि
कर्क (Cancer) वैदिक राशिचक्र की 4वीं राशि है। तत्व: जल। स्वभाव: चर। स्वामी ग्रह: चन्द्र।
कर्क राशि ममता, संवेदनशीलता और अपनापन की प्रतीक है। चन्द्रमा इसके स्वामी हैं, जिससे इसका हृदय स्नेह और करुणा से भरा रहता है। कर्क के जातक अपने परिवार और प्रियजनों की ढाल बनकर उनकी रक्षा करते हैं। उनका घर सदा शांति और आतिथ्य का केंद्र होता है।
किनका कारक
- राशि चक्र की चौथी राशि, चर जल तत्व
- चन्द्रमा इसके स्वामी हैं, जो मन और संवेदनाओं के प्रतीक हैं
- हृदय, वक्षस्थल और मातृवत देखभाल का प्रतिनिधित्व
- परिवार, घर और रिश्तों की रक्षा करने की भावना
- भावनात्मक सुरक्षा और पुरानी स्मृतियों का आदर
रोज़ के जीवन में
अपनों के लिए सात्विक भोजन बनाएं, माता-पिता की सेवा करें, घर का वातावरण शांत रखें और पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करें।
मंत्र
ॐ सोमाय नमःलग्न के रूप में
कर्क लग्न: देखभाल करने वाले और रक्षक स्वभाव के, गहरी भावनाओं वाले। घर और परिवार आपके लिए बहुत मायने रखते हैं।
चंद्र राशि के रूप में
कर्क राशि में चन्द्रमा: बहुत स्नेही और संवेदनशील; घर आपकी सबसे सुरक्षित जगह है।
लोग पूछते हैं
कर्क राशि का स्वामी कौन है?
चन्द्र।
कर्क राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा.