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आश्लेषा नक्षत्र

आश्लेषा 27 में से 9वाँ नक्षत्र है, स्वामी बुध, राशि कर्क। नाम अक्षर: डी डू डे डो।

आलिंगन अथवा सघन जुड़ाव. देवता: नाग देव, पाताल के ज्ञानी रक्षक · प्रतीक: कुण्डली मारे हुए सर्प · पशु: बिल्ली · गण: राक्षस

स्वभाव

उपयुक्त काम

कथा

आश्लेषा नक्षत्र के देवता नाग हैं, जो पाताल लोक के रहस्यों और औषधियों के संरक्षक माने जाते हैं। कुण्डली मारे सर्प का प्रतीक मन की एकाग्र शक्ति और भीतर सोई चेतना को दर्शाता है। जैसे सांप अपनी पुरानी केंचुल उतारकर नया रूप धरता है, वैसे ही यह नक्षत्र पुरानी बातें छोड़कर आगे बढ़ने की सीख देता है। मान्यता है कि आश्लेषा नक्षत्र व्यक्ति को गहरी बुद्धि देता है, जिसका उपयोग यदि भलाई के लिए किया जाए तो वह महान ज्ञानी बनता है।

इस नक्षत्र के लिए नाम →

क्रम9 / 27
स्वामी (दशा)बुध
राशिकर्क
नाम अक्षर (पद 1 से 4)डी डू डे डो
विस्तार106.66° – 120.00°