कन्या राशि
कन्या (Virgo) वैदिक राशिचक्र की 6वीं राशि है। तत्व: पृथ्वी। स्वभाव: द्विस्वभाव। स्वामी ग्रह: बुध।
कन्या राशि सेवा, स्वच्छता और विवेकपूर्ण व्यवस्था की प्रतीक है। इसके स्वामी बुध हैं, जिससे इसके जातक हर बात को गहराई से समझते हैं। वे बहुत विनम्र, परिश्रमी और दूसरों की व्यावहारिक मदद करने वाले होते हैं। जीवन को सादा और व्यवस्थित रखना इनकी विशेषता है।
किनका कारक
- राशि चक्र की छठी राशि, द्विस्वभाव पृथ्वी तत्व
- बुध इसके स्वामी हैं, जो व्यवस्था, सेवा और सूक्ष्म बुद्धि के कारक हैं
- उदर, पाचन तंत्र और स्वास्थ्य की शुद्धता का प्रतिनिधित्व
- व्यावहारिक सहयोग, अनुशासन और बारीकियों की समझ
- निःस्वार्थ सेवा और कार्यों को सुव्यवस्थित करने की लगन
रोज़ के जीवन में
अपनी कार्यस्थली को स्वच्छ रखें, सात्विक और संतुलित आहार लें, जरूरतमंदों की सेवा करें और सुझाव देते समय विनम्र रहें।
मंत्र
ॐ बुधाय नमःलग्न के रूप में
कन्या लग्न: सावधान, मददगार और बारीकी से देखने वाले। आपको व्यवस्था और सुधार पसंद है; ख़ुद की ज़्यादा आलोचना न करें।
चंद्र राशि के रूप में
कन्या राशि में चन्द्रमा: विचारशील और व्यावहारिक; छोटी-छोटी बातों की चिन्ता कर सकते हैं।
| स्वामी | बुध |
|---|---|
| तत्व | पृथ्वी |
| स्वभाव | द्विस्वभाव |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा |
लोग पूछते हैं
कन्या राशि का स्वामी कौन है?
बुध।
कन्या राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा.