हस्त नक्षत्र
हस्त 27 में से 13वाँ नक्षत्र है, स्वामी चन्द्र, राशि कन्या। नाम अक्षर: पू ष ण ठ।
हाथ अथवा कौशल का खुला पंजा. देवता: सवितृ, प्रातःकालीन प्रेरक सूर्य देव · प्रतीक: खुला हुआ हाथ अथवा मुट्ठी · पशु: भैंस · गण: देव
स्वभाव
- हाथ के कार्यों और शिल्प में अद्भुत निपुणता
- हाजिरजवाबी, चुटीला हास्य और अच्छी बातचीत
- रोजमर्रा की समस्याओं का व्यावहारिक हल निकालना
- समय की पाबंदी और व्यवस्थित कार्यशैली
- व्यवहार में व्यावहारिक सहयोग और दया
उपयुक्त काम
- हस्तशिल्प, मूर्तिकला और बारीक कारीगरी
- शल्य चिकित्सा, मालिश और प्राकृतिक उपचार
- लेखा-जोखा, संपादन, लेखन और व्यापार
कथा
हस्त नक्षत्र के अधिपति देव सवितृ हैं, जो भोर की सुनहरी किरणों से सबको कर्म करने की प्रेरणा देते हैं। खुले हाथ का प्रतीक यह बताता है कि मनुष्य अपने हाथों से ही अपने भाग्य का निर्माण करता है। सवितृ देव का संदेश है कि अपने हाथों से सुंदर चीजें बनाओ, बीमारों की सेवा करो और दान दो। परंपरा कहती है कि हस्त नक्षत्र व्यक्ति को हाथों की कारीगरी, हास्य-विनोद और व्यवहारकुशलता का वरदान देता है, जिससे वह सबका चहेता बनता है।