उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी 27 में से 12वाँ नक्षत्र है, स्वामी सूर्य, राशि सिंह और कन्या। नाम अक्षर: टे टो पा पी।
उत्तर की लालिमा अथवा सच्चा मित्र. देवता: अर्यमा, मित्रता और वचनों के देव · प्रतीक: शय्या के पीछे के दो पाए · पशु: गौ · गण: मनुष्य
स्वभाव
- मित्रता और वचनों को पूरी निष्ठा से निभाना
- अतिथियों का सत्कार और जरूरतमंदों की मदद
- शिष्ट, विनम्र और मधुर वाणी
- सामाजिक सेवा और कर्तव्य का गहरा बोध
- दीर्घकालिक कार्यों को धैर्य से पूरा करना
उपयुक्त काम
- परोपकार, सामाजिक संस्थाएं और जनसेवा
- कूटनीति, मध्यस्थता और समझौते
- न्याय, प्रशासन और सामुदायिक संगठन
कथा
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के देवता अर्यमा हैं। वे सच्ची मित्रता, अटूट वचनों और समाज में सद्भाव के प्रतीक हैं। शय्या के पिछले पाए गृहस्थ जीवन की स्थिरता और दृढ़ता को दर्शाते हैं। अर्यमा देव सिखाते हैं कि समाज तभी सुखी होता है जब लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े हों। मान्यता है कि इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग निष्कपट, दयालु और भरोसेमंद होते हैं, जो अपने वचनों पर सदा खरे उतरते हैं।