सिंह राशि
सिंह (Leo) वैदिक राशिचक्र की 5वीं राशि है। तत्व: अग्नि। स्वभाव: स्थिर। स्वामी ग्रह: सूर्य।
सिंह राशि राजसी गरिमा, उदारता और तेज की प्रतीक है। सूर्य इसके स्वामी हैं, जिससे सिंह के जातकों में स्वाभाविक नेतृत्व और बड़ा दिल होता है। वे स्वाभिमानी, साहसी और न्यायप्रिय होते हैं। दूसरों की भलाई के लिए आगे रहना और सबको साथ लेकर चलना इनका स्वभाव है।
किनका कारक
- राशि चक्र की पांचवीं राशि, स्थिर अग्नि तत्व
- सूर्य इसके स्वामी हैं, जो तेज, मर्यादा और बड़प्पन के प्रतीक हैं
- रीढ़, हृदय और आत्मिक तेज का प्रतिनिधित्व
- उदार नेतृत्व, रचनात्मकता और सत्यनिष्ठा का स्वभाव
- अपनों को संरक्षण और समाज में सम्मान दिलाने की भावना
रोज़ के जीवन में
अपने आचरण को सदा मर्यादित रखें, साथियों की सच्ची प्रशंसा करें, असहायों की मदद करें और न्याय का साथ दें।
मंत्र
ॐ सूर्याय नमःलग्न के रूप में
सिंह लग्न: गर्मजोशी भरे, स्वाभिमानी और उदार। आपको सामने रहना और नेतृत्व करना पसंद है; दूसरों को आगे बढ़ाकर आप और चमकते हैं।
चंद्र राशि के रूप में
सिंह राशि में चन्द्रमा: बड़े दिल वाले और स्वाभिमानी; सराहना अच्छी लगती है।
| स्वामी | सूर्य |
|---|---|
| तत्व | अग्नि |
| स्वभाव | स्थिर |
| नक्षत्र | मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी |
लोग पूछते हैं
सिंह राशि का स्वामी कौन है?
सूर्य।
सिंह राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी.