सूर्य
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, पिता, सरकार, जीवन-शक्ति का कारक है। उच्च राशि मेष, नीच राशि तुला। इसकी महादशा 7 वर्ष की होती है।
सूर्य देव को समस्त जगत की आत्मा और प्रकाश का मुख्य स्रोत माना गया है। सौरमंडल के अधिपति के रूप में सूर्य सत्य, स्वाभिमान और अडिग संकल्प के प्रतीक हैं। वे मनुष्य के हृदय में तेज, उदारता और बिना किसी भेद के सबको प्रकाश देने का भाव जगाते हैं।
किनका कारक
- आत्मा, जीवन शक्ति और आत्मबल का कारक ग्रह
- पिता, गुरुजनों और उच्च अधिकारियों का प्रतिनिधित्व
- स्वाभिमान, आत्मविश्वास और स्पष्ट सोच का स्वामी
- नेतृत्व क्षमता, शासन और प्रशासनिक व्यवस्था का मार्गदर्शक
- नैतिक साहस, मान-सम्मान और धर्मपरायणता का आधार
रोज़ के जीवन में
प्रातःकाल सूर्य को प्रणाम करें, अपने वचनों का पालन करें, पिता और गुरुजनों का आदर करें और अपने आचरण से दूसरों को प्रेरणा दें।
मंत्र
ॐ सूर्याय नमःहर भाव में सूर्य
भाव 1 · भाव 2 · भाव 3 · भाव 4 · भाव 5 · भाव 6 · भाव 7 · भाव 8 · भाव 9 · भाव 10 · भाव 11 · भाव 12
हर राशि में सूर्य
मेष · वृषभ · मिथुन · कर्क · सिंह · कन्या · तुला · वृश्चिक · धनु · मकर · कुम्भ · मीन
| बलवान हो तो | नेतृत्व और आत्मविश्वास |
|---|---|
| कमज़ोर हो तो | अहंकार या अधिकारियों से टकराव |
| स्वराशि | सिंह |
| उच्च | मेष |
| नीच | तुला |
| वार | रविवार |
| दशा वर्ष | 7 |
| जिन नक्षत्रों का स्वामी | कृत्तिका, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढा |