कुम्भ राशि
कुम्भ (Aquarius) वैदिक राशिचक्र की 11वीं राशि है। तत्व: वायु। स्वभाव: स्थिर। स्वामी ग्रह: शनि।
कुम्भ राशि जनकल्याण, समानता और नए विचारों की प्रतीक है। इसका प्रतीक अमृत कुंभ है, जो बिना किसी भेदभाव के सबको ज्ञान बांटने का संदेश देता है। कुम्भ के जातक दूरदर्शी, स्वतंत्र सोच वाले और परोपकारी होते हैं। वे समाज सुधार और मानवीय मूल्यों के लिए समर्पित रहते हैं।
किनका कारक
- राशि चक्र की ग्यारहवीं राशि, स्थिर वायु तत्व
- शनि इसके स्वामी हैं, जो समरसता, लोककल्याण और सेवा के प्रतीक हैं
- पिंडलियां, टखने और संचार तंत्र का प्रतिनिधित्व
- मानवतावादी सोच, मौलिक विचार और सच्ची मित्रता
- समाज के सभी वर्गों को साथ जोड़ने और आगे बढ़ाने का प्रयास
रोज़ के जीवन में
सामाजिक कार्यों में सहयोग करें, मित्रों के साथ मिलजुलकर रहें, नए विचारों का स्वागत करें और सबके कल्याण की सोचें।
मंत्र
ॐ शनैश्चराय नमःलग्न के रूप में
कुम्भ लग्न: स्वतन्त्र, मित्रवत और मौलिक। आप समाज और नए विचारों के बारे में सोचते हैं।
चंद्र राशि के रूप में
कुम्भ राशि में चन्द्रमा: मिलनसार पर थोड़े अलग-थलग; अपनी जगह और आदर्श चाहिए।
| स्वामी | शनि |
|---|---|
| तत्व | वायु |
| स्वभाव | स्थिर |
| नक्षत्र | धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वभाद्रपदा |
लोग पूछते हैं
कुम्भ राशि का स्वामी कौन है?
शनि।
कुम्भ राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वभाद्रपदा.