कृत्तिका नक्षत्र
कृत्तिका 27 में से 3वाँ नक्षत्र है, स्वामी सूर्य, राशि मेष और वृषभ। नाम अक्षर: अ इ उ ए।
काटने वाली अथवा तेज धार वाली. देवता: अग्नि, पवित्र पावक देव · प्रतीक: अग्नि शिखा अथवा उस्तरा · पशु: भेड़ · गण: राक्षस
स्वभाव
- तीक्ष्ण बुद्धि और अडिग संकल्प
- आश्रितों के प्रति गहरा स्नेह और रक्षा भाव
- स्पष्टवादी और सत्यनिष्ठ स्वभाव
- विचारों और आदतों को शुद्ध रखने की चाह
- स्वाभाविक तेज और नेतृत्व गुण
उपयुक्त काम
- पाक कला और भोजन व्यवस्था
- अभियांत्रिकी, तकनीकी उपकरण और धातु शिल्प
- शिक्षण, प्रशासन और संगठन प्रबंधन
कथा
पौराणिक कथा के अनुसार कृत्तिका नाम की छह बहनों ने भगवान कार्तिकेय का अत्यंत स्नेह से पालन-पोषण किया था। अग्नि देव इस नक्षत्र के स्वामी हैं, जो सोने को तपाकर कुंदन बना देते हैं। अग्नि का काम अंधकार और अशुद्धियों को दूर करना है। परंपरा कहती है कि कृत्तिका नक्षत्र मनुष्य को वह आंतरिक तेज देता है जिससे वह संदेहों को काटकर सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ता है और समाज को नई दिशा दिखाता है।