मघा नक्षत्र
मघा 27 में से 10वाँ नक्षत्र है, स्वामी केतु, राशि सिंह। नाम अक्षर: मा मी मू मे।
महान अथवा गौरवमयी. देवता: पितृगण, पूज्य पूर्वज · प्रतीक: राजसिंहासन अथवा पालकी · पशु: मूषक · गण: राक्षस
स्वभाव
- स्वाभाविक आत्मसम्मान और गरिमा
- कुल परंपरा और पूर्वजों के प्रति आदर
- उदारता और दूसरों को सहारा देने की भावना
- सच्चा स्वाभिमान और कर्तव्यनिष्ठा
- नेतृत्व करने की स्वाभाविक क्षमता
उपयुक्त काम
- शासन, प्रशासन और सार्वजनिक नेतृत्व
- इतिहास, पुरातत्व और सांस्कृतिक संरक्षण
- पारिवारिक धरोहर और बड़े संस्थानों का संचालन
कथा
मघा नक्षत्र के देवता हमारे पितर हैं, जिन्होंने समाज और परिवार की नींव रखी। राजसिंहासन का प्रतीक यह सिखाता है कि अधिकार केवल सत्ता का नाम नहीं, बल्कि पूर्वजों के आदर्शों को आगे बढ़ाने का दायित्व है। जैसे विशाल वटवृक्ष अपनी गहरी जड़ों के कारण आंधियों में भी खड़ा रहता है, वैसे ही कुल की मर्यादा का सम्मान करने वाला व्यक्ति सदा यशस्वी होता है। मघा नक्षत्र मनुष्य को स्वाभिमानी, उदार और कर्तव्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा देता है।