मीन राशि
मीन (Pisces) वैदिक राशिचक्र की 12वीं राशि है। तत्व: जल। स्वभाव: द्विस्वभाव। स्वामी ग्रह: गुरु।
मीन राशि करुणा, समर्पण और आत्मिक शांति की प्रतीक है। देवगुरु बृहस्पति इसके स्वामी हैं, जिससे इसमें असीम दया और उदारता होती है। मीन के जातक अत्यंत कोमल हृदय, परोपकारी और संवेदनशील होते हैं। वे दूसरों के दुख को अपना समझकर सेवा करते हैं और ईश्वर चिंतन में आनंद पाते हैं।
किनका कारक
- राशि चक्र की बारहवीं राशि, द्विस्वभाव जल तत्व
- गुरु इसके स्वामी हैं, जो करुणा, अध्यात्म और मोक्ष के कारक हैं
- पैर, तलवे और सुखद विश्राम का प्रतिनिधित्व
- कोमल संवेदना, कल्पनाशीलता, भक्ति और ध्यान
- संसार के सभी जीवों के प्रति निस्वार्थ प्रेम और क्षमा
रोज़ के जीवन में
प्रतिदिन ध्यान और प्रार्थना करें, मधुर संगीत सुनें, किसी दुखी व्यक्ति को सांत्वना दें और जीवन में सादगी रखें।
मंत्र
ॐ बृहस्पतये नमःलग्न के रूप में
मीन लग्न: कोमल, दयालु और कल्पनाशील। आप संवेदनशील और आध्यात्मिक हैं; अपनी सीमाएँ तय रखना मदद करता है।
चंद्र राशि के रूप में
मीन राशि में चन्द्रमा: सपनों में खोए, करुणामय और सहज-ज्ञानी।
| स्वामी | गुरु |
|---|---|
| तत्व | जल |
| स्वभाव | द्विस्वभाव |
| नक्षत्र | पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा, रेवती |
लोग पूछते हैं
मीन राशि का स्वामी कौन है?
गुरु।
मीन राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा, रेवती.