उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र
उत्तरभाद्रपदा 27 में से 26वाँ नक्षत्र है, स्वामी शनि, राशि मीन। नाम अक्षर: दू थ झ ञ।
उत्तर के शुभ चरण अथवा शांत गहराइयां. देवता: अहिर्बुध्न्य, गहरे समुद्र के ज्ञानी देव · प्रतीक: तख्त के पीछे के पाए अथवा शांत जुड़वां · पशु: गाय · गण: मनुष्य
स्वभाव
- हर परिस्थिति में शांत और गंभीर रहने का स्वभाव
- दुखी और जरूरतमंद जीवों के प्रति असीम करुणा
- बिना सोचे-समझे निर्णय न लेने वाला विवेक
- मधुर और सांत्वना देने वाली वाणी बोलना
- परिवार और समाज को सहारा देने वाला धैर्य
उपयुक्त काम
- योग साधना, ध्यान और आध्यात्मिक मार्गदर्शन
- परोपकारी संस्थाएं, रोगी सेवा और जनकल्याण
- समुद्र संरक्षण, गहन शोध और एकांत लेखन
कथा
उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र के देवता 'अहिर्बुध्न्य' हैं, जो गहरे पाताल लोक और समुद्र के शांत जल में रहकर धरती को सहारा देते हैं। समुद्र की सतह पर चाहे कितनी भी लहरें उठें, उसकी गहराई सदा शांत रहती है। यह नक्षत्र उसी आंतरिक शांति और धैर्य का प्रतीक है। उत्तरभाद्रपदा सिखाती है कि सच्चा बल क्रोध में नहीं, बल्कि शांत रहकर दूसरों की भलाई करने में है। मान्यता है कि यह नक्षत्र व्यक्ति को परोपकारी, गंभीर और स्नेही बनाता है।