पूर्वाषाढा नक्षत्र
पूर्वाषाढा 27 में से 20वाँ नक्षत्र है, स्वामी शुक्र, राशि धनु। नाम अक्षर: भू धा फा ढा।
प्रथम अपराजिता अथवा जिसे जीता न जा सके. देवता: अपः, पवित्र दिव्य जल · प्रतीक: सूप (अनाज फटकने का साधन) · पशु: बंदर · गण: मनुष्य
स्वभाव
- सहज आत्मविश्वास जिससे दूसरों को ढांढस बंधे
- विवादों को प्रेमपूर्वक सुलझाने की कुशलता
- मधुर और प्रभावशाली वाणी में बातचीत करना
- उत्सवप्रियता और आतिथ्य सत्कार में रुचि
- गुणों को परखने और अपनाने का धैर्य
उपयुक्त काम
- जल संरक्षण, नौवहन और जल संसाधन
- साहित्य, वक्तृत्व और ललित कलाएँ
- पर्यटन, सत्कार सेवा और सांस्कृतिक आयोजन
कथा
पूर्वाषाढा के देवता 'अपः' यानी पावन जल हैं, जो पूरी प्रकृति को जीवन और शीतलता प्रदान करते हैं। अनाज फटकने का सूप यह सिखाता है कि जैसे सूप अच्छे दानों को रखकर भूसे को उड़ा देता है, वैसे ही मनुष्य को गुणों को अपनाकर अवगुणों को त्यागना चाहिए। जैसे बहता पानी अपनी नम्रता से चट्टानों का रास्ता बदल देता है, वैसे ही यह नक्षत्र अपराजित संकल्प देता है। मान्यता है कि यह नक्षत्र व्यक्ति को धैर्यवान, लोकप्रिय और विजयी बनाता है।