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मूल नक्षत्र

मूल 27 में से 19वाँ नक्षत्र है, स्वामी केतु, राशि धनु। नाम अक्षर: ये यो भा भी।

जड़ अथवा मूल आधार. देवता: निर्रिति, सत्य और परिवर्तन की देवी · प्रतीक: जड़ों का बंधा हुआ गुच्छा · पशु: श्वान · गण: राक्षस

स्वभाव

उपयुक्त काम

कथा

मूल नक्षत्र आकाश गंगा के केंद्र में स्थित है और इसकी देवी निर्रिति हैं। जड़ों का गुच्छा यह बताता है कि जैसे पेड़ की मजबूती उसकी छिपी जड़ों में होती है, वैसे ही जीवन की सार्थकता उसकी नींव में है। जब पुरानी घास को जड़ से साफ किया जाता है, तभी खेत में नई फसल लहलहाती है। मूल नक्षत्र मनुष्य को सिखाता है कि बाहरी दिखावे को छोड़कर समस्या की जड़ तक पहुंचना चाहिए। यह नक्षत्र गहन ज्ञान और सत्य की खोज की प्रेरणा देता है।

इस नक्षत्र के लिए नाम →

क्रम19 / 27
स्वामी (दशा)केतु
राशिधनु
नाम अक्षर (पद 1 से 4)ये यो भा भी
विस्तार239.99° – 253.33°