बुध
बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार, हिसाब, पढ़ाई का कारक है। उच्च राशि कन्या, नीच राशि मीन। इसकी महादशा 7 वर्ष की होती है।
बुध देव को नवग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। वे तीक्ष्ण बुद्धि, विवेक और व्यवहारकुशलता के देवता हैं। बुध सिखाते हैं कि तर्क और मीठी वाणी से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है। वे ईमानदारी से व्यापार करने और ज्ञान बांटने की प्रेरणा देते हैं।
किनका कारक
- बुद्धि, तर्कशक्ति और विवेक का मुख्य स्वामी
- वाणी, मधुर संवाद और हास्य-विनोद का प्रतीक
- व्यापार, लेन-देन, लेखा और वाणिज्य का नियंत्रक
- विद्या, पठन-पाठन, लेखन और नई विधाओं का कारक
- सदा युवा सोच, लचीलापन और सीखने की ललक
रोज़ के जीवन में
प्रतिदिन स्वाध्याय करें, मीठे वचनों से बात करें, लेन-देन में पारदर्शिता रखें और पक्षियों या गौमाता को हरा चारा दें।
मंत्र
ॐ बुधाय नमःहर भाव में बुध
भाव 1 · भाव 2 · भाव 3 · भाव 4 · भाव 5 · भाव 6 · भाव 7 · भाव 8 · भाव 9 · भाव 10 · भाव 11 · भाव 12
हर राशि में बुध
मेष · वृषभ · मिथुन · कर्क · सिंह · कन्या · तुला · वृश्चिक · धनु · मकर · कुम्भ · मीन