राहु
राहु महत्वाकांक्षा, विदेशी चीज़ें, तकनीक, कुछ अलग का कारक है। उच्च राशि वृषभ, नीच राशि वृश्चिक। इसकी महादशा 20 वर्ष की होती है।
राहु को छाया ग्रह माना गया है, जो तीव्र आकांक्षा और नए प्रयोगों की प्रेरणा देता है। यह मनुष्य को परंपरा से आगे बढ़कर सोचने और सीमाओं को लांघने की ऊर्जा देता है। यदि राहु की ऊर्जा को संयम और धर्म से दिशा दी जाए, तो यह अद्भुत वैज्ञानिक खोजों और सफलता का मार्ग खोलती है।
किनका कारक
- महत्वाकांक्षा, नए अन्वेषण और तकनीकी सोच का स्वामी
- विदेश यात्रा, दूरस्थ संस्कृतियों और नए क्षेत्रों का कारक
- रूढ़ियों को तोड़कर आगे की सोच रखने का प्रतीक
- अज्ञात विषयों को जानने की गहरी ललक का नियंत्रक
- अनुसंधान, संचार माध्यमों और आधुनिक खोजों का मार्गदर्शक
रोज़ के जीवन में
भ्रम और जल्दबाजी से बचें, किसी के साथ कपट न करें, खुले आकाश में पक्षियों को दाना डालें और मन को शांत रखने का अभ्यास करें।
मंत्र
ॐ राहवे नमःहर भाव में राहु
भाव 1 · भाव 2 · भाव 3 · भाव 4 · भाव 5 · भाव 6 · भाव 7 · भाव 8 · भाव 9 · भाव 10 · भाव 11 · भाव 12
हर राशि में राहु
मेष · वृषभ · मिथुन · कर्क · सिंह · कन्या · तुला · वृश्चिक · धनु · मकर · कुम्भ · मीन