अश्विनी नक्षत्र
अश्विनी 27 में से 1वाँ नक्षत्र है, स्वामी केतु, राशि मेष। नाम अक्षर: चू चे चो ला।
घोड़े के मुख वाले अथवा शीघ्रगामी वैद्य. देवता: अश्विनी कुमार, देवों के वैद्य · प्रतीक: घोड़े का सिर · पशु: घोड़ा · गण: देव
स्वभाव
- जीवन में फुर्तीला और ऊर्जावान दृष्टिकोण
- नई शुरुआत करने का सहज साहस
- स्वास्थ्य सेवा और परोपकार में स्वाभाविक रुचि
- स्वतंत्रता और स्वाभिमान को महत्व देना
- सरल और स्पष्ट बात कहना
उपयुक्त काम
- चिकित्सा, उपचार और स्वास्थ्य सेवा
- खेलकूद, व्यायाम और शारीरिक प्रशिक्षण
- यात्रा, परिवहन और व्यवस्था प्रबंधन
कथा
प्राचीन कथा के अनुसार अश्विनी कुमार सूर्य देव और सरण्यु की जुड़वां संतान हैं। उन्हें आयुर्वेद, जड़ी-बूटियों और स्वास्थ्य का दिव्य ज्ञान प्राप्त था। जब भी कोई जीव पीड़ा में होता, वे अपने सुनहरे रथ पर सवार होकर तुरंत सहायता करने पहुँचते थे। उन्होंने संसार को सिखाया कि सच्ची शीघ्रता वही है जो दूसरों की भलाई के काम आए। अश्विनी नक्षत्र की ऊर्जा व्यक्ति को नए शुभ कार्य तुरंत आरंभ करने और लोगों को नया जीवन व उत्साह देने की प्रेरणा देती है।