रोहिणी नक्षत्र
रोहिणी 27 में से 4वाँ नक्षत्र है, स्वामी चन्द्र, राशि वृषभ। नाम अक्षर: ओ वा वी वू।
बढ़ने वाली अथवा लाल रंग की आभा. देवता: ब्रह्मा, सृष्टि के रचयिता · प्रतीक: अन्न से भरी बैलगाड़ी · पशु: सर्प · गण: मनुष्य
स्वभाव
- मधुर और सौम्य व्यवहार
- संगीत, कला और सौंदर्य में स्वाभाविक रुचि
- कार्यों को धैर्यपूर्वक पूरा करने की लगन
- परिवार, घर और प्रकृति से गहरा प्रेम
- दैनिक जीवन को सुंदर बनाने की कला
उपयुक्त काम
- कृषि, बागवानी और पर्यावरण संरक्षण
- सजावट, वस्त्र निर्माण और कलात्मक शिल्प
- व्यापार, आतिथ्य और सौंदर्य प्रसाधन
कथा
पौराणिक आख्यानों में रोहिणी को चन्द्रमा की सबसे प्रिय पत्नी माना गया है, जो अपने रूप, शील और मधुर स्वभाव के लिए विख्यात थीं। सृष्टि के निर्माता ब्रह्मा जी इस नक्षत्र के देवता हैं। जैसे खेतों से लदी बैलगाड़ी घर में खुशहाली लाती है, वैसे ही यह नक्षत्र उपजाऊ सोच और समृद्धि का प्रतीक है। प्राचीन मान्यता है कि रोहिणी नक्षत्र के प्रभाव से व्यक्ति में आकर्षण, धैर्य और जीवन में सुख-शांति बढ़ाने का गुण आता है।